‘अखंड भारत’ का शंखनाद !


भारतीय जनता पार्टी गुजरात में लगातार छठवीं बार सत्ता में आने और हिमाचल प्रदेश में जनादेश से कांग्रेस का गर्वहरण होने के बाद अब देश के 29 में से 19 राज्यों का बागडौर संभाल रही है । ये अपने आप में एक रिकार्ड है । इससे पहले भारत में किसी एक पक्ष की सत्ता इतने राज्यों में कभी नहीं थी । 24 साल पहले कांग्रेस ऐसा पक्ष था जिसके शासन में 18 राज्य थे। लेकिन एक सुव्यवस्थित संगठन का अभाव और वंशवाद, भ्रष्टाचार तथा कुशासन के चलते उसने अपना पतन स्वयं के हाथों कर लिया था।

भाजपा की ये विजय क्या दर्शाती है? विरोधियों के सारे झूठे दावे और जनता को बहकाने की तमाम कोशिशों के बावजूद भारतीय जनता को इस बात पर पूरा यकीन है कि भारत को अगर महासत्ता बनने की दिशा में यूं ही आगे बढना है तो प्रधानमन्त्री श्री. नरेन्द्र मोदी जी और भाजपा ही उसके लिए सर्वोत्तम विकल्प हैं! ये चुनाव मूलतः ‘वंशवाद, तुष्टिकरण और जातिवाद’ के विरुद्ध थे। इन चुनावों ने दिखा दिया है की खोखली घोषणाओं से काम नहीं चलेगा। जनता ने साफ़ तौर से विकास और भारत के नवनिर्माण के पक्ष में जनादेश दिया है। जनता का प्रधानमन्त्री श्री. मोदीजी के नेतृत्व पर पूरा विशवास है और स्वयं जनता ने भी भारत के नवनिर्माण के कार्य के लिए कमर कास ली है।

जहां कांग्रेस अपनी हार को जीत मानकर दयनीय शतुर्मुर्गी पैंतरा ले रही है, वहीं आनेवाले वर्ष में जिन 8 राज्यों में चुनाव होने जा रहे हैं, वहां की जनता अपना मन बना चुकी है। भारतीय जनता पार्टी का ये विजयरथ अब इसी तरह आगे बढ़ता रहेगा क्योंकि ये साक्षात् जनता का विकास रथ है। देश बदल रहा है… जो बातें स्वप्नत: लग रही थीं, उन्हें लोगों ने पिछले साढ़े तीन सालों में वास्तव में बदलते हुए देखा है। स्वच्छ भारत, उज्ज्वल योजना, मुद्रा योजना, जन-धन योजना जैसे सैंकड़ो कदम भारत का एक नया मनभावन चेहरा सामने ला रहे हैं। वहीं सीमा पर यदि कोई हिन्दुस्तान के विरूद्ध आँख उठाकर भी देखे तो उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय मंच पर देश की आज वैसी ही प्रतिष्ठा है, जैसे रामायण, महाभारत या गुप्त आदी काल के दौरान, प्राचीन भारत के वैभवशाली अतीत में हुआ करती थी।

हम सब एक सशक्त, सामर्थ्यवान भारत का निर्माण होते हुए देख रहे हैं। इतना ही नहीं, नवभारत के इस निर्माण में देश का हर एक व्यक्ति अपने हिस्से का कर्तव्य बड़े अभिमान से निभा रहा है। देश का चेहरा ही नहीं, चरित्र बदल रहा है। इसी के परिणाम अगले वर्ष के चुनावों में भी नजर आएँगे। अगले वर्ष के चुनाव भारत के भविष्य की दृष्टी से ऐतिहासिक होने वाले हैं। इसमें कोई दोराय नही है कि मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, राजस्थान, कर्नाटक, मिजोरम, मेघालय, नागालैंड और त्रिपुरा की जनता अपना मत विकास के पक्ष में देगी और भारतीय जनता पार्टी इन सारे राज्यों में भारी बहुमत से जीतेगी। एक प्रकार से देखा जाए तो अगला वर्ष ‘न भूतो न भविष्यति’ होगा। क्योंकि 2018 के चुनावों के बाद भारतीय जनता पार्टी भारत के अधिकतर राज्यों में जनसेवा के लिए प्रतिष्ठित होगी ! केंद्र और राज्यों के सम्पूर्ण समन्वयन के साथ ये भारत के लिये एक स्वर्णिम अवसर होगा जहां देश के सर्वथा विकसित और सामर्थ्यवान होने में कोई बाधा बीच में नहीं रहेगी । भाग्य की बात ये है कि आसेतु हिमाचल ‘अखंड भारत’ का सपना साकार होने के इस ऐतिहासिक क्षण के न केवल हम साक्षी होंगे बल्कि उसमें हमारा महत्वपूर्ण योगदान भी होगा! गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनाव ‘अखंड भारत’ का शंखनाद हैं!

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