आतंक का स्थान, पाकिस्तान


मोदी सरकार द्वारा उठाए गए अहम कदमों की बदौलत Global Competitiveness Index में भारत की रैंकिंग में, 16 रैंकिंग का जबरदस्त सुधार हुआ है। इस सुधार के साथ ही अब भारत की रैंकिंग 39 हो गई है।

वर्ल्ड इकॉनमिक फोरम की ओर से प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण एशियाई देशों की बात करें तो भारत के बाद श्रीलंका 71वें, भूटान 97वें, नेपाल 98वें और बांग्लादेश 106वें स्थान पर आया है। वहीँ पाकिस्तान इस लिस्ट में 122वें नंबर पर है, और साउथ एशिया में सबसे पिछड़ा हुआ है।

अभी कुछ दिनों पहले ही पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री परवेज़ मुशर्रफ ने कहा था कि “पकिस्तान को भूटान समझने की ज़ुर्रत ना करे भारत.”… सही बात है, यह गलती हम कर भी नहीं सकते, क्योंकि अर्थिक विकास हो या खुशहाली भूटान भी पाकिस्तान से कहीं आगे है। भूटान वह देश है जिसने अपनी 50% ज़मीन जंगली जानवरों के संरक्षण के लिए सुरक्षित रखी है। वहीँ पाकिस्तान वह देश है, जिसने अपनी शत-प्रतिशत ज़मीन आतंकियों के लिए सुरक्षित रखी है। फर्क बहुत बड़ा है, भूटान मानव-वादियों की धरती है, और पकिस्तान आतंकवादियों की।

पकिस्तान चाहे लाख कोशिशें कर ले, पर उसका सच अब सबके सामने हैं। विदेशों से लाखों करोड़ों का क़र्ज़ लेकर पकिस्तान, अपने देश वासियों की आम ज़रूरतें पूरी करने की बजाय परमाणू बम बनाने में लगा है, आतंक को बचाने में लगा है। पकिस्तान का असली चेहरा तो उस दिन ही उजागर हो गया था, जिस दिन संसार का सबसे खतरनाक आतंकी लादेन पाकिस्तान में मारा गया था। यही नहीं, आज भी संयुक्त राज संघ द्वारा चिंहित, “हाफ़िज़ सईद” जैसे आतंकी वहाँ खुले-आम घूम रहे हैं, आतंक का ज़हर उगल रहे हैं। बेशर्म पाकिस्तान उन पर कार्रवाही करने की बजाय, उन्हें समाजसेवी संगठन बताकर उनकी करतूत पर पर्दा डालने में लगा है।

आतंक को पनाह देने वाले पकिस्तान के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर मोर्चा खोल दिया है। अपने दामन पर आतंकवादी मुल्क होने का दाग पकिस्तान छुपा ज़रूर सकता है, लेकिन मिटा नही सकता। पाकिस्तान चाहे कितनी भी सफाई दे, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय मंच से आए यह परिणाम साफ़ दिखाते हैं की, पकिस्तान अपने देश में केवल आतंक का विकास कर रहा है। पूरा विश्व एक स्वर में आतंक के पनाहगार पाकिस्तान के खिलाफ खड़ा हो रहा है, और वह दिन दूर नहीं जब पाकिस्तान को विश्व से अलग थलग कर दिया जाएगा।

आज विश्व, भारत द्वारा पकिस्तान पर की गई कार्रवाही का समर्थन कर रहा है। अगर पाकिस्तान अब भी बाज़ नही आया तो वह दिन दूर नहीं, जब विश्व के मानचित्र से पकिस्तान गायब होगा। “एशिया पैसिफिक, डिफेन्स एंड एनालिसिस” के मुताबिक, अगर युद्ध की स्थिति आती है, तो पकिस्तान के हथियार और ताकत महज डेढ़ माह में ख़त्म हो जाएँगे। वहीँ भारत चार माह तक लगातार प्रभावी ढंग से युद्ध लड़ सकता है। भारत एक सक्षम, शक्तिशाली और ज़िम्मेदार देश है, जिसके लिए देशवासियों की खुशहाली और विकास ही सर्वोपरि है, और देश की मोदी सरकार का पक्ष साफ़ है,

अगर पाकिस्तान भारत के विकास में अवरोध बनने की कोशिश करेगा, तो मिटा दिया जाएगा।

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