ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, इंदौर

इंदौर नगर में आयोजित हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट,निसंदेह मध्य प्रदेश की प्रगति और इसको ब्रांड स्वरुप में खड़ा करने की महत्वकांक्षी औधोगिक, वणिज्यिक गतिविधि थी। लेकिन मैंने इसकी नीव में हमारे प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा व शिवराजसिंह जी की कुशल समर्पित नेतृत्व की ताकत भी महसूस की।

ऐसे में यहाँ मुझे महान आविष्कारक एडिसन का एक प्रसंग याद आ रहा है। एडिसन की पत्नी ने उनसे कहा- आप सतत कार्य से (प्रयोगशाला में) थक गए हैं। अब कुछ समय आप अपने मनपसंद स्थान पर जाओ, आनंद से कुछ समय वहीँ बिताओ। एडिसन ने कहा- बिलकुल ठीक, ऐसा ही होगा, और उनकी पत्नी की आश्चर्य का ठिकाना ना रहा जब उसने देखा कि एडिसन तुरंत अपनी प्रयोगशाला में चले गए।

हमारे प्रधानमंत्री जी और शिवराज सिंह जी की भी यही मानसिकता है। समर्पणभाव से अथक कर्तव्य कर्म करते हुए मानवसेवा (आमजन की) से आनंदित होना। यही तो कर्मयोग है, साधना है। यथा संभव जन मानस के हितों को ध्यान में रख अपनी नीतियां बनाना और नैतिकता के आधार पर उन्हें क्रियान्वित करना।

इस तर्ज़ पर कार्य करने वाले देश, प्रदेश, संगठन की विश्वसनीयता निश्चित ही प्रगाढ़-प्रबल होती है और इसी के बल पर निवेश, निवेशकर्ता आकर्षित होते हैं। कौन लोग, देश या निवेशकर्ता ऐसे होंगे जो ऐसों से औधोगिक, व्यापारिक सम्बन्ध बनाना चाहेंगे जिनकी ईमानदारी की ख्याति अच्छी ना हो। यानी निवेश की पहली शर्त विश्वसनीयता है। और मोदी जी व शिवराजसिंह जी की साफ़ छवि के कारण ही आज मेक इन इंडिया विद मध्य प्रदेश के आव्हान पर लगभग 2000 देशी-विदेशी प्रतिनिधियों के समिट में शिरकत करने की संभावना बनी है।

दूसरे क्रम पर अधोसंरचना, बिजली, पानी, उद्योग स्थापना हेतु फ्रेंडली व्यवस्था व परिवेश जरुरी है। ऐसी सभी परिपूर्णताओं के कारण ही यूके, कोरिया, जापान, युएई, सिंगापुर जैसे उन्नत औद्योगिक देश समिट में शिरकत कर रहे हैं, ज्ञातव्य है। मध्य प्रदेश Ease Of Doing business के मामले में देश के शीर्ष पांच राज्यों में गिना जा रहा। इसके लिये प्रदेश सरकार, प्रशासन सभी के प्रयास प्रशंसनीय हैं।

समर्पित कर्म के संदर्भ में महान धावक ओलंपियन कार्ल लुईस का जिक्र भी यहाँ करना चाहूँगा- उनके कोच ने उन्हें कहा था तुम यश और धन कमाने पर केन्द्रित रहोगे तो ऐसा कभी नहीं होगा। श्रेष्ठ बनने पर (काबिलियत पर) ध्यान केन्द्रित करो तो चैंपियन बन सकते हो। लुईस ने ऐसा किया और एक ही ओलम्पिक में चार स्वर्ण पदक जीते। हमारे प्रधानमंत्री जी भी देश-प्रदेश को काबिल बनाने हेतु समर्पित हैं, परिणामस्वरूप निवेश रूपी मैडल के हकदार देश-प्रदेश बन रहे हैं ।

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