ये है अमिताभजी की दिलदारी

दुनिया में जो भी महान व्यक्ति हुए हैं, वे सिर्फ अपनी सामाजिक पहचान से नहीं, बल्कि अपने कर्म और सदाशयता की वजह से महान कहलाए! महान लोगों की इस सूची में मेरे नजरिए से एक नाम है हिंदी फिल्मों के महानायक अमिताभ बच्चन का!

परदे पर तीन दशक तक इस अभिनेता ने ‘एंग्रीमैन’ की भूमिका निभाई! लेकिन, निजी जीवन में अमिताभजी की पहचान एक ऐसे व्यक्ति का रही है, जो गुमनाम रहकर लोगों की मदद करते हैं। बॉलीवुड के ये महानायक जीवन में नए-नए प्रयोग करने के लिए भी जाने जाते हैं। वे अपनी परदे की पहचान से अलग भी कई ऐसे काम ऐसे करते हैं, जो उनकी शख्‍स‍ियत को कई गुना बढ़ा देता है। वे समाज सेवा के क्षेत्र में भी नए प्रयोग करते रहते हैं। किसानों के प्रति उनकी संवेदना का भाव तो इतना प्रबल है कि वे उनका दर्द नहीं देख पाते। उन्होंने पहले कर्नाटक, आँध्रप्रदेश, महाराष्ट्र के किसानों के कर्ज चुकाए। अब वे अपने जन्म स्थली राज्य उत्तरप्रदेश के किसानों की मदद के लिए आगे आए हैं। ये अमिताभ के धनवान होने का नहीं, बल्कि उनके संवेदनशील और उनके बड़प्पन का प्रतीक है। देश में पैसे वाले तो हज़ारों हैं, पर ऐसा दिलवाला कोई नहीं, जिसका दिल किसानों की पीड़ा समझता हो!

उन्होंने उत्तर प्रदेश के 1,398 किसानों का 4.05 करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज चुकाने का फैसला किया है। अपने इस कदम के लिए अमिताभजी ने बैंक ऑफ इंडिया के साथ ‘ओटीएस’ यानी ‘वन टाइम सेटलमेंट’ किया है। 26 नवंबर को वे किसानों से मिलकर उन्हें खुद बैंक के कर्ज मुक्ति पत्र सौंपेंगे। इसके लिए अमिताभजी ने करीब 70 किसानों को मुंबई बुलवाया और इसके लिए ट्रेन का एक पूरा डिब्बा अपनी तरफ से बुक किया। इससे पहले उन्होंने महाराष्ट्र के विदर्भ इलाके के सैकड़ों किसानों का भी कर्ज चुकाया था।

नियमित लिखे जाने वाले अपने ब्लॉग में इस महान एक्टर ने लिखा भी है। ‘किसानों को बैंक का कर्ज चुकाने में परेशानी हो रही थी! कर्ज का बोझ बढ़ने की वजह से वे खुदकुशी जैसा बड़ा कदम उठाने को मजबूर हो रहे थे। किसानों को इस कदम से रोकने का एक ही रास्ता था कि उनका कर्ज चुका दिया जाए!’

मुझे याद है कि अमिताभजी अपने इस काम को प्रचारित करना नहीं चाहते थे। लेकिन, ‘केबीसी’ शो में आए एक अतिथि ने अमिताभजी की इस अच्छाई का जिक्र कर दिया था। उन्होंने उसी समय बताया था कि कर्नाटक में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान, वे कहीं रुके थे। सुबह उन्होंने अखबार देखा तो एक किसान की खुदकुशी की खबर पढ़ी। उससे मन विचलित हो गया और तभी फैसला किया था कि इनके लिए कुछ करूँगा, इसीलिए इस काम शुरुआत कर्नाटक से हुई।

उन्होंने किसानों के अलावा देश के लिए सीमा पर जान न्यौछावर करने वाले शहीदों के 44 परिवारों की भी सरकारी एजेंसियों के जरिए आर्थिक मदद की। उन्होंने अपने ब्लॉग में इस बारे में लिखा था ‘ये बहुत संतोषजनक अनुभव’ रहा था। ये महान अभिनेता ‘कौन बनेगा करोड़पति कर्मवीर’ में पहुंचे अजीत सिंह की भी वह मदद करेंगे। अजीत सिंह लड़कियों को वेश्यावृत्ति में धकेले जाने से बचाने में जुटे हैं। इसके अलावा अमिताभजी ने सरबनी दास रॉय को भी मदद देने का निर्णय लिया है, जो मानसिक रूप से बीमार लोगों की मदद करती हैं। अमिताभजी का ये कदम ऐसे लोगों के लिए प्रेरणा है, जो समाज के लिए कुछ करना तो चाहते हैं, पर उन्हें वो राह नजर नहीं आती, जो किसी के आँसू पौंछने तक पहुंचे!

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