नमो विजय दिवस

स्वाधीन भारत के इतिहास में आप देखेंगे कि नेतृत्व की सफलता के मुख्य कारक नेता का कर्म के प्रति पूर्ण समर्पण, कड़ी मेहनत एवं लगन के साथ दूरदृष्टा होना रहा है। विरले ही ऐसे नेता हुए हैं जिन्होंने इन विशेषताओं पर अधिकार बनाया है। श्री नरेन्द्र मोदी इन सब विशेषताओं से परिपूर्ण व्यक्तित्व हैं एवं उन्हें अपने कर्म के प्रति ध्यान केंद्रित करना बखूबी आता है। वे आसमान को छूने की बात भी करते हैं लेकिन उनके पैर हमेशा जमीन पर रहते है। इन सब गुणों के कारण श्री नरेन्द्र मोदी एक असाधारण नेतृत्व क्षमता से परिपूर्ण व्यक्तित्व हैं।

साल 1950 में वडनगर गुजरात में बेहद साधारण परिवार में जन्‍मे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले 12 वर्षों तक मुख्यमंत्री के रूप में गुजरात में अभूतपूर्व एवं समग्र विकास किया, और वही देखकर, तीन वर्ष पूर्व आज ही के दिन उन्हें जनता-जनार्दन ने पूरे देश की कमान सौंप दी..

नरेन्द्र मोदी ने 26 मई 2014 को भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली और वे भारत के प्रथम प्रधानमंत्री हैं जिनका जन्म आज़ादी के बाद हुआ है। ऊर्जा-वान, समर्पित एवं दृढ़ निश्चय वाले नरेन्द्र मोदी एक अरब से अधिक भारतीयों की आकांक्षाओं और आशाओं के द्योतक हैं।

मई 2014 में अपना पद संभालने के बाद से ही प्रधानमंत्री मोदी चहुंमुखी और समावेशी विकास की यात्रा पर निकल पड़े हैं जहां हर भारतीय अपनी आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा कर सके। वे ‘अंत्योदय’, अर्थात, अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुंचाने के सिद्धांत से अत्यधिक प्रेरित हैं।

नवीन विचारों और पहल के माध्यम से सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रगति की रफ्तार तेज हो और हर नागरिक को विकास का लाभ मिले। अब शासन मुक्त है, इसकी प्रक्रिया आसान हुई है एवं इसमें पारदर्शिता आई है।

श्री नरेन्द्र मोदी देश के एकमात्र ऐसे नेता है जिन्होंने आम जनता से न केवल राजनैतिक रिश्ता विकसित किया है अपितु एक भावनात्मक लगाव स्थापित किया है। उनके प्रशंसक न केवल भारत में हैं अपितु कई अन्य देशों में भी श्री मोदी असंख्य प्रशंसक मौजूद हैं। साथ ही समाज के हर वर्ग, स्त्री एवं पुरुष, शहरी एवं ग्रामीण, अमीर एवं गरीब, बुद्धिजीवी वर्ग सभी में श्री नरेन्द्र मोदी का अपना स्थान है। विदेशों में रहने वाले कई अनिवासी गुजराती उन्हें सम्मान देते हैं। श्री नरेन्द्र मोदी ने जनता से सीधा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से सूचना प्रोद्योगिकी का अनूठा उपयोग किया है एवं इसके माध्यम से देश का युवा वर्ग बड़ी संख्या में श्री नरेन्द्र मोदी के व्यक्तित्व से प्रभावित हुआ है।

वे साहस, करुणा और विश्वास से पूर्ण एक ऐसे व्यक्ति हैं जिसे देश ने इस विश्वास के साथ अपना जनादेश दिया है कि वे भारत का पुनरुत्थान करेंगे और उसे दुनिया का पथ–प्रदर्शक बनाएंगे।

“इबार बंगला ”- अबकी बार पश्चिम बंगाल

पार्टी अध्यक्ष अमित शाह संगठन को मजबूत बनाए रखने हेतु लगातार दौरे कर रहे हैं और अभी भी वे तीन दिवसीय दौरे पर पश्चिम बंगाल प्रवास पर थे।

पश्चिम बंगाल विधानसभा सीटों के लिए हुए उप-चुनाव के नतीजों में भाजपा का वोट प्रतिशत भारी संख्या में बढ़ा है। राष्ट्र विरोधी ताक़तों को संरक्षण व वोट बैंक की राजनीति करने वाली तृणमूल सरकार ख़िलाफ़ लोगों में गुस्सा है और वे अब भाजपा में ही अपना विकल्प ढूंढ रहे हैं।

25 अप्रैल –

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह जी  ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल के नक्सलबाड़ी के एक छोटे गांव से पार्टी के विस्तार अभियान का शुभारंभ किया। इसी इलाके से 1960 के दशक के आखिरी बरसों में वामपंथी उग्रवाद शुरू हुआ था।

श्री अमित शाह ने मंगलवार को दार्जीलिंग जिले में एक आदिवासी परिवार के घर पर दोपहर का भोजन किया। शाह ने नक्सलबाड़ी इलाके के दक्षिण कटियाजोत गांव में राजू महाली के घर भोजन किया, एक सामान्य से दिखने वाले परिवार का आतिथ्य, प्रेम और उत्साह से भरपूर था।अमित शाह जी के साथ पश्चिम बंगाल भाजपा के सभी बड़े कार्यकर्ता मौजूद रहे।

जिसके उपरांत श्री अमित शाह ने बूथ नंबर. 93 में माँ भारती, श्री श्यामा प्रसाद मुख़र्जी एवं पंडित दीन दयाल उपाध्याय जी के चरणों में वंदन कर, कार्यकर्ताओं की बैठक ली। माननीय अमित शाह जी ने इंदूर स्टेडियम, सिलीगुड़ी में जनता को संबोधित भी किया।  

नक्सल प्रभावित इस क्षेत्र की स्थिति अत्यंत ही दयनीय है; जहाँ देखो वहां केवल गरीबी ही नज़र आती है। जनता की माने तो तृणमूल नेता वादे तो काफी बड़े बड़े करते  है, जब वो वोट मांगने आते  हैं। परन्तु उसके बाद कभी दिखाई नहीं देते। यहाँ इन ग़रीबों की समस्याओं को सुनने वाला यहाँ कोई नहीं हैं।

26 अप्रैल –

श्री अमित शाह न सिर्फ पार्टी कार्यकर्ताओं से मिले बल्कि उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों से भी सहर्ष भेंट की।

जब मैने पश्चिम बंगाल के भवानीपुर में, माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जी के साथ बूथ कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और इसके साथ ही क्षेत्र के निवासियों से घर-घर जाकर भेंट की तो इस दौरान यह देखकर बहुत दुःख, अफ़सोस तथा रोष हुआ कि…

ममता बनर्जी, जो कि बंगाल की मुख्यमंत्री और भवानीपुर की विधायक भी हैं,

उनके खुद के क्षेत्र में महिलाओं और बच्चों के लिए बुनियादी सुविधाएँ तक यहाँ उपलब्ध नहीं है।

भवानीपुर की जनता सरकार की अनदेखी से त्रस्त आ चुकी है। जहाँ भी गया वहां पर समस्याओं का अंबार देखने और सुनने को मिला। तृणमूल सरकार केवल तुष्टिकरण की राजनीति करने व्यस्त है, उन्हें जनता की कोई प्रवाह नहीं है। अगर मुख्यमंत्री के स्वयं के क्षेत्र की यह दुर्दशा है तो आप पूरे राज्य का अनुमान लगा पा रहे होंगे।  

27 अप्रैल –

न्यू टाउन, राजारहाट, कोलकाता में हमने माननीय अमित शाह जी के साथ घर घर जा जाकर रहवासियों से मुलाक़ात की…साथ ही हम सभी के प्रेरणास्त्रोत… शिक्षाविद्, चिन्तक और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ॰ श्यामाप्रसाद मुखर्जी के निवास स्थान “आशुतोष मुखर्जी स्मारक संस्थान” में माननीय अमित शाह जी के साथ जाने का अवसर प्राप्त हुआ।

पार्टी इस साल दीनदयाल उपाध्याय जन्मशती वर्ष मना रही है और इस साल को पार्टी ने विस्तार कार्यक्रम के रूप में भी मनाने का फैसला किया है। जिसकी शुरुआत पश्चिम बंगाल से की गई; जहाँ राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह जी के 3 दिनों के प्रवास में बीजेपी की विचारधारा, गरीब कल्याण की प्रतिबद्धता और सबका साथ, सबका विकास नारे के बारे में लोगों को बताया ।