गुजरात चुनावों में होगा कांग्रेस का पर्दाफाश

गुजरात के चुनाव जैसे जैसे नज़दीक आ रहे हैं वैसे भाजपा की जीत और सुनिश्चित नज़र आ  रही है. इसी के चलते बौखलाए हुए कांग्रेसी नेता जनता की आँखों में धूल झोंकने की कोशिश कर रहे हैं. बेबुनियाद आरोपों का सहारा लेकर चरित्र हनन करने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन असल बात तो ये है कि इलेक्शन दर इलेक्शन कांग्रेस की नैया डूबती जा रही है. यही बात उत्तर प्रदेश के स्थानीय निकाय चुनावों के परिणामों ने और साफ़ कर दी है. जो कांग्रेस अपने नेता के संसदीय क्षेत्र में मुंह की खा चुकी है, वही कांग्रेस बड़ी बेशर्मी से गुजरात राज्य जीतने के दावे कर रही है. उत्तर प्रदेश से भगाए जाने के बाद अब वो गुजरात को डूबोने चली आई है. इसी से पता चलता है कि कांग्रेस चुनावी वास्तव से किस कदर दूर है.

कांग्रेस के झूठे आरोप और निंदा के बावजूद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी और भाजपा की लोकप्रियता अबाधित रही है, यह तथ्य कांग्रेस पचा नही पा रही है. और इसीलिए जातिवाद, साम्प्रदायिकता और तुष्टिकरण की राजनीति का सहारा लेकर गुजरात की जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है. सर्जिकल स्ट्राइक,  नोटबंदी और जीएसटी जैसे देशहित के निर्णयों पर सवाल उठाकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है.

‘विकास’ को ‘पागल’ करार देनेवाले ये नहीं समझ पा रहे हैं कि ऐसा करके वो गुजरात की जनता का अपमान कर रहे हैं. गुजरात के विकास पर सवाल उठानेवाले ये आसानी से भूल चुके हैं कि २२ साल पहले उन्होंने गुजरात की कैसी दुर्दशा कर दी थी. भाजपा की अगुवाई में उसी गुजरात ने जो विकास किया है, उसे केवल देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी सराहा गया है. उल्लेखनीय बात तो ये है कि ये विकास किसी एक क्षेत्र में नहीं बल्कि कृषि, उद्योग और सेवा इन तीनों क्षेत्रों में हुआ है. और ये विकास सिर्फ शहरी या संपन्न लोगों तक सीमित नहीं रहा है. गरीब कल्याण मेला और वनबन्धु कल्याण योजना जैसी कई योजनाओं के तहत आखरी व्यक्ति तक विकास के लाभ पहुँचाने के भरसक प्रयास किए गए हैं.  यही वजह है कि सिर्फ आदिवासी ही नहीं, मुस्लिम मतदाता का भी भाजपा के प्रति रुझान साफ़ दिखाई दे रहा है.

अलग अलग सर्वेक्षणों से ये स्पष्ट रूप से  पता चलता है कि गुजरात की जनता जातिवाद के बजाय विकास को महत्व देगी. वंशवाद का सहारा लेकर नहीं बल्कि विकास के जरिये सामाजिक न्याय स्थापित करने में भरोसा दिखायेगी. गुजरात का मतदाता भलीभांति जानता है कि गुजरात और भारत के लिए अगर कोई दीर्घकालिक आशा है तो वह है भाजपा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी! उत्तर प्रदेश के निकाय चुनावों के परिणामों से कांग्रेस की पोल बुरी तरह खुल ही चुकी है. लेकिन गुजरात चुनावों के परिणाम उसके झूठ का पूरी तरह पर्दाफाश कर देंगे इसमें कोई दोराय नहीं है. ये परिणाम भारत को कांग्रेस मुक्त करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम रहेगा, ये निश्चित है.

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